नई दिल्ली (समृद्धि समाचार ब्यूरो) — नई दिल्ली: शिक्षा के माध्यम से सामाजिक उत्थान के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए समुदाय के वरिष्ठ उद्योगपतियों एवं शिक्षाविदों ने "महाराजा अग्रसेन विद्यादान निधि" के अंतर्गत ₹100 करोड़ के स्थाई बंदोबस्त कोष (Endowment Fund) की घोषणा की है।
समिति के मुख्य संयोजक ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस कोष के ब्याज से प्रतिवर्ष देशभर के उन प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं की शिक्षा फीस और आवासीय खर्च वहन किया जाएगा, जो वित्तीय बाधाओं के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।
- पारंपरिक साख और परस्पर विश्वास आधारित वाणिज्यिक नेटवर्क आधुनिक वित्तीय समावेशन की रीढ़ है।
- एमएसएमई और स्थानीय उद्यमों में पूंजी का निरंतर प्रवाह रोजगार सृजन और समग्र आर्थिक स्थिरता का आधार बनता है।
- डिजिटल तकनीकों और संगठित वित्तीय तंत्र के साथ मिलकर पारंपरिक व्यापारिक दक्षता वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन रही है।
- सामुदायिक साख प्रणाली और वित्तीय अनुशासन आर्थिक आत्मनिर्भरता की स्थायी धुरी हैं।
योजना के प्रथम चरण में दिल्ली, जयपुर, कोटा और इंदौर में सिविल सेवा और सीए परीक्षा हेतु विशेष आवासीय मार्गदर्शन केंद्र भी प्रारंभ किए जाएंगे, जहां वरिष्ठ सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस एवं एफसीए अधिकारी स्वयं विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे।