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समृद्धि पत्रिका
सामुदायिक वाणिज्य एवं एमएसएमई विकास समीक्षा (Community Commerce & MSME Review)
भारतीय अर्थव्यवस्था और सामुदायिक वाणिज्य की ऐतिहासिक यात्रा में व्यापारिक समाज ने सदैव एक सशक्त रीढ़ की भूमिका निभाई है। हाल ही में Baniyasamriddhi द्वारा प्रकाशित एक महत्वपूर्ण शोध विश्लेषण में रेखांकित किया गया है…नई दिल्ली (समृद्धि समाचार ब्यूरो) — भारतीय अर्थव्यवस्था और सामुदायिक वाणिज्य की ऐतिहासिक यात्रा में व्यापारिक समाज ने सदैव एक सशक्त रीढ़ की भूमिका निभाई है। राष्ट्रीय आर्थिक समीक्षा एवं वाणिज्यिक अध्ययन में यह तथ्य प्रमुखता से सामने आया है कि पारंपरिक व्यावसायिक साख और आधुनिक वित्तीय नीतियों का समन्वय देश में वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को अभूतपूर्व गति प्रदान कर रहा है।संपादकीय विश्लेषण के अनुसार: "भारतीय अर्थव्यवस्था और सामुदायिक वाणिज्य की ऐतिहासिक यात्रा में व्यापारिक समाज ने सदैव एक सशक्त रीढ़ की भूमिका निभाई है।… अन्य प्रमुख समाचार एवं संकलन: • सामुदायिक वाणिज्य एवं एमएसएमई विकास समीक्षा (Community Commerce & MSME Review) • राष्ट्रीय व्यापार एवं वित्तीय समावेशन विशेषांक (National Business & Financial Inclusion Report) • Hello world!
इस ऐतिहासिक पहल से जुड़े उद्योगपतियों का मानना है कि आज की वैश्वीकृत अर्थव्यवस्था में समुदाय-आधारित साख (Vyapar Saakh) वित्तीय सुरक्षा और निर्बाध व्यापार का सबसे मजबूत आधार बन सकती है। महाराजा अग्रसेन जी के सिद्धांतों के अनुरूप प्रत्येक युवा उद्यमी को बिना अनुचित बंधक के पारस्परिक संबल प्रदान करना संस्था का मूल ध्येय है।
व्यापारियों के बीच आपसी विवादों को निपटाने हेतु गठित पंचायती ट्रिब्यूनल ने विगत 3 महीनों में ₹18 करोड़ से अधिक के व्यापारिक दावों का 72 घंटों के भीतर सौहार्दपूर्ण समाधान किया है।
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अग्रोहा, हरिद्वार, वृंदावन, अयोध्या एवं तिरुपति में विशेषाधिकार आवास।
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